Friday, May 22, 2026
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 देहरादून के 32 केंद्रों पर होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा,24 मई को दो पालियों में परीक्षा, 12,545 अभ्यर्थी होंगे शामिल

देहरादून | विशेष संवाददाता
जनपद देहरादून में 24 मई 2026 को आयोजित होने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा जिले के 32 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 12,545 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस नोडल अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण करने और केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। इसके तहत जैमर, सीसीटीवी कैमरे, फेस ऑथेंटिकेशन एप और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की गहन जांच करने को कहा गया है।
प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों को परीक्षा से एक दिन पूर्व पूर्ण रूप से सैनिटाइज करने के निर्देश भी जारी किए हैं। इसके अलावा सभी अधिकारियों को अपने मोबाइल नंबर संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों को उपलब्ध कराने और परीक्षा अवधि के दौरान मोबाइल फोन सक्रिय रखने को कहा गया है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित समन्वय किया जा सके।
प्रशासन के अनुसार परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी।
* पहली पाली : सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक
* दूसरी पाली : दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेट निर्धारित समय पर कोषागार के डबल लॉकर से निकाले जाएंगे। प्रथम पाली के प्रश्नपत्र सुबह 7 बजे तथा द्वितीय पाली के प्रश्नपत्र सुबह 11 बजे संबंधित केंद्रों के लिए रवाना किए जाएंगे।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाए। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं।
प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल, निगरानी व्यवस्था और संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिटी प्रवीण कुमार, एसडीएम योगेश मेहरा, विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी और अपर्णा ढौंडियाल सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।

 दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 8 जून तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू

देहरादून | विशेष संवाददाता
ढलान स्थिरीकरण कार्य के चलते गणेशपुर-देहरादून सेक्शन में बदला यातायात मार्ग, यात्रियों की सुरक्षा के लिए NHAI की विशेष व्यवस्था,
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के गणेशपुर-देहरादून सेक्शन पर सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा ढलान स्थिरीकरण (Slope Stabilization) कार्य शुरू किया जा रहा है। इसके चलते 22 मई 2026 से 8 जून 2026 तक हाईवे के एक हिस्से पर विशेष यातायात डायवर्जन योजना लागू की गई है।
यह परियोजना भारतमाला परियोजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में एनएच-72ए के गणेशपुर से आशारोड़ी तक छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे निर्माण से संबंधित है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का गणेशपुर-देहरादून सेक्शन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। हाईवे चौड़ीकरण के दौरान कई स्थानों पर पहाड़ों की कटिंग की गई थी, जिसके चलते कुछ हिस्सों में पत्थर गिरने की आशंका बनी हुई है।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने पहले ही संवेदनशील स्थानों पर स्टोन कैचर लगाए थे। अब अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के तहत ढलानों को स्थिर करने और अतिरिक्त मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा रहा है।
एनएचएआई के अनुसार इस कार्य के लिए अतिरिक्त वन भूमि का भी डायवर्जन किया गया है तथा सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य 22 मई से शुरू किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले इस कार्य को पूरा करना है।
प्रस्तावित कार्यों के दौरान लगभग 1.250 किलोमीटर लंबे हिस्से में यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य और वाहनों की आवाजाही दोनों सुरक्षित रूप से जारी रह सकें।
यात्रियों के मार्गदर्शन और ट्रैफिक संचालन के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंगे। हाईवे का शेष हिस्सा सामान्य रूप से खुला रहेगा।
देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर लेफ्ट हैंड साइड (LHS) कैरिजवे से राइट हैंड साइड (RHS) कैरिजवे पर डायवर्ट किया जाएगा। इसके बाद लगभग 1.250 किलोमीटर तक यातायात RHS कैरिजवे पर संचालित होगा।
इसके बाद दात काली टनल से पहले किलोमीटर 15+900 पर वाहनों को पुनः LHS कैरिजवे पर स्थानांतरित किया जाएगा।
दिल्ली एवं सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को दात काली टनल पार करने के बाद पुराने हाईवे सेक्शन पर डायवर्ट किया जाएगा।
करीब 1.3 किलोमीटर पुराने मार्ग का उपयोग करने के बाद वाहनों को पुनः दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के RHS कैरिजवे पर वापस लाया जाएगा।
एनएचएआई और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक व्यवस्था का पालन करें, निर्माण क्षेत्र में सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और मौके पर तैनात यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों के अनुसार यह कार्य भविष्य में हाईवे को अधिक सुरक्षित बनाने और भूस्खलन व पत्थर गिरने जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

 राजपुर हत्याकांड का खुलासा, कुख्यात शार्प शूटर ‘जैकी’ गिरफ्तार

देहरादून पुलिस ने करीब एक वर्ष पुराने राजपुर हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात शार्प शूटर और हिस्ट्रीशीटर अपराधी राजन उर्फ जैकी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक अजय बटेजा की हत्या उसके सौतेले भाई अमित बटेजा ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते सुपारी देकर कराई थी। हत्या को अंजाम देने में आरोपी ने अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया का भी सहारा लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी जैकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में “सुपारी किलर” के नाम से कुख्यात है और उस पर हत्या, रंगदारी, लूट, गैंगस्टर और गुण्डा एक्ट समेत डेढ़ दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
घटना 26 मई 2025 की है, जब जीएमएस रोड निवासी जतिन कुमार ने थाना राजपुर में तहरीर देकर बताया था कि उनके ममेरे भाई अजय बटेजा की जाखन स्थित कृष्णा विहार आवास में हत्या कर दी गई है। मामले में थाना राजपुर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान मुजफ्फरनगर निवासी शातिर अपराधी राजन उर्फ जैकी का नाम सामने आया।
इसके बाद पुलिस ने 19 मई 2026 को खालापार, मुजफ्फरनगर से आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए देहरादून लाया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने हत्या की पूरी साजिश और वारदात कबूल कर ली।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मृतक अजय बटेजा और उसके सौतेले भाई अमित बटेजा को कई वर्षों से जानता था। अजय बटेजा के पास देहरादून और मसूरी में करोड़ों की संपत्ति थी। अमित बटेजा अपने हिस्से की मांग कर रहा था, लेकिन अजय संपत्ति देने को तैयार नहीं था।
आरोप है कि अमित बटेजा ने जैकी को अपने भाई को रास्ते से हटाने के बदले जाखन स्थित संपत्ति में आधा हिस्सा देने और उसके खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामले में मदद करने का लालच दिया। इसके बाद हत्या की योजना बनाई गई।
25 मई 2025 को आरोपी जैकी अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया के साथ सहारनपुर में अमित बटेजा से मिला। वहां हत्या की पूरी साजिश रची गई। बाद में सभी लोग देहरादून पहुंचे और रात में अजय बटेजा के घर रुके।
योजना के मुताबिक जैकी ने अपनी प्रेमिका को अजय के पास छोड़ दिया और खुद साथियों के साथ बाहर चला गया। देर रात वह अकेले घर लौटा। आरोपी ने पहले अजय को अधिक शराब पिलाई और फिर नशे की हालत में तकिये से उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को पंखे से लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया, लेकिन जल्दबाजी में वह सफल नहीं हो सका। इसी दौरान आरोपी की नजर घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। पकड़े जाने के डर से वह डीवीआर निकालकर अपने साथ ले गया।
घटना के बाद आरोपी अपनी प्रेमिका के साथ ऑटो से आईएसबीटी पहुंचा और वहां से बस के जरिए सहारनपुर फरार हो गया।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी जैकी उर्फ राजन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सौतेला भाई अमित बटेजा और हुमेरा उर्फ जोया अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सहारनपुर का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ सहारनपुर, शामली और अन्य जिलों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट, गैंगस्टर एक्ट, गुण्डा एक्ट और अवैध वसूली जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
इतना ही नहीं, वर्ष 2022 में उसकी लगभग 85 लाख रुपये की अवैध संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा 5 हजार रुपये तथा एसएसपी देहरादून द्वारा 2500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

100% दिव्यांग पिता और 65% दिव्यांग मां के परिवार को जिला प्रशासन का सहारा

कोविड में उजड़ा रोजगार, 64 हजार के कर्ज से दबे परिवार को डीएम ने दिलाई राहत

देहरादून। मुख्यमंत्री के जनसेवा संकल्प और मार्गदर्शन में जिला प्रशासन देहरादून ने एक बार फिर संवेदनशील एवं मानवीय प्रशासन का परिचय दिया है। आर्थिक तंगी, दिव्यांगता और कर्ज के बोझ तले दबे एक परिवार की फरियाद पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल 64 हजार रुपये से अधिक का ऋण जमा कराया, बल्कि परिवार के पुनर्वास और बेटियों की शिक्षा के लिए भी मदद के हाथ बढ़ाए।

3 बेटियों के माता-पिता दोनों दिव्यांग

ईस्ट पटेल नगर निवासी संजीव कुमार शत-प्रतिशत दिव्यांग हैं, जबकि उनकी पत्नी 65 प्रतिशत दिव्यांग हैं। परिवार में तीन नौनिहाल बेटियां हैं। सीमित संसाधनों और दिव्यांगता के बावजूद संजीव परिवार का पालन-पोषण करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कोविड महामारी ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया।

मोबाइल रिपेयरिंग का कारोबार कोविड में हुआ बंद

संजीव कुमार ने वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम, देहरादून से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोलने के लिए 50 हजार रुपये का ऋण लिया था। शुरुआती दौर में उन्होंने 15 से 20 किश्तों का भुगतान भी किया, लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते उनका व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गया।

आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण वे ऋण की शेष किश्तें जमा नहीं कर सके। इसके बाद निगम द्वारा 64 हजार 915 रुपये की आरसी तहसील देहरादून भेज दी गई।

तहसील जेल भेजने की धमकी से परिवार में था भय

दिव्यांग दंपति केवल 3000 रुपये मासिक पेंशन के सहारे परिवार चला रहे थे। हालात इतने खराब हो चुके थे कि बेटियों की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगी थी। संजीव कुमार ने जिलाधिकारी के समक्ष पेश होकर बताया कि अमीन द्वारा तहसील जेल भेजने की धमकी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव और भय में जी रहा था।

डीएम सविन बंसल ने तुरंत दिए राहत के निर्देश

मामले की गंभीरता और मानवीय पक्ष को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को निर्देश दिए कि संजीव कुमार की बकाया ऋण राशि सीएसआर फंड से जमा कराई जाए, ताकि परिवार को राहत मिल सके और आरसी की कार्रवाई समाप्त हो सके।

जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 64,915 रुपये की ऋण राशि जमा कराई। इसके साथ ही परिवार को पुनः रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से रायफल क्लब फंड से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।

बेटियों को मिलेगा ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ का सहारा

जिलाधिकारी ने परिवार की तीनों बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास को निर्देश दिए कि बच्चियों को “प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा” के अंतर्गत शिक्षा सहायता प्रदान करने हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके।

“जिला प्रशासन की चौखट से कोई खाली नहीं लौटे”

जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने एक जरूरतमंद परिवार को नया जीवन और आत्मविश्वास दिया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाले ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता पर कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।

यह पूरा प्रकरण दर्शाता है कि जिला प्रशासन केवल प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत और सहारा पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

प्रशिक्षण महाअभियान से भाजपा के 38 हजार से अधिक कार्यकर्ता तैयार

देहरादून, भारतीय जनता पार्टी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत उत्तराखंड में 38 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर आगामी राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों के लिए तैयार किया है। दो महीने से अधिक समय तक चले इस अभियान में संगठन के मंडल और जिला स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। अब पार्टी अगले चरण में मोर्चों, प्रकोष्ठों और प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण की तैयारी में जुट गई है।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश संयोजक कुंदन परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी संविधान के अनुरूप देशभर में कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा उत्तराखंड इकाई ने अपने सभी 304 सांगठनिक मंडलों और 19 जिलों में प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक संपन्न कराए हैं।

उन्होंने बताया कि 7 मार्च से 15 अप्रैल के बीच आयोजित मंडल स्तरीय प्रशिक्षण वर्गों में कुल 35,498 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इन एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्रों में सात अलग-अलग विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

मंडल स्तर के प्रशिक्षण वर्गों में संबंधित मंत्रियों, विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों तथा सरकार में दायित्वधारियों ने कार्यकर्ताओं को संगठन, विचारधारा और जनसंपर्क से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।

इसके बाद 15 अप्रैल से 20 मई तक पार्टी के सभी 19 सांगठनिक जिलों में जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए गए। इन दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कुल 3244 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इन वर्गों में 12 सत्रों के माध्यम से विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में एक रात्रि प्रवास को भी अनिवार्य रखा गया था। इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, संबंधित मंत्री, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी एवं सरकार में दायित्वधारी भी शामिल हुए। कुंदन परिहार ने कहा कि मंडल और जिला स्तर के प्रशिक्षण वर्गों के सफल आयोजन के बाद अब अभियान के अगले चरण की तैयारी की जा रही है। इसके तहत मंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर संयुक्त मोर्चों एवं प्रकोष्ठों के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि अंत में तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग के आयोजन के साथ उत्तराखंड में यह महाअभियान पूर्ण होगा।

50 हजार रुपये रिश्वत लेते जेई  विजिलेंस के हत्थे चढ़ा

देहरादून । सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने पशुलोक बैराज ऋषिकेश से जुड़े टेंडर कार्य में रिश्वत मांगने के आरोप में आरोपी जेई को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि वह सरकारी विभाग में टेंडर का कार्य करता है और उसके द्वारा पशुलोक बैराज ऋषिकेश में टेंडर डाला गया था। आरोप था कि कार्य के भुगतान के बदले जेई फैसल खान द्वारा अवैध रिश्वत की मांग की जा रही थी।
शिकायत की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर थाना सतर्कता अधिष्ठान देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान की ओर से ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने बुधवार 21 मई को आरोपी फैसल खान पुत्र लियाकत हुसैन निवासी कटोराताल, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

लोकायुक्त मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश ने राज्य सरकार को घेरा

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी आज पंचतत्व में विलीन हो गए। उन्होंने 2011 में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान राज्य में देश का सबसे सख्त और ऐतिहासिक लोकायुक्त विधेयक लागू किया था। उसके बाद की सरकारों ने उनके बनाए गए कानून को लागू नहीं किया। भुवन चंद्र खंडूड़ी हमेशा से ही लोकायुक्त के पक्षधर रहे।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया है कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार आएगी तो लोग प्रदेश में लोकायुक्त की स्थापना की जाएगी। गणेश गोदियाल ने कहा हरीश रावत जब मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब राज्य में लोकायुक्त की स्थापना के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। आज भी यह प्रस्ताव राज्यपाल के कार्यालय में धूल खा रहा है।
गणेश गोदियाल ने कहा लोकायुक्त का काम भ्रष्टाचार पर नकेल कसना होता है, लेकिन भाजपा के मंत्रिमंडल का काम भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना होता है, इसलिए जो मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगा हुआ है। वह मंत्रिमंडल लोकायुक्त को नियुक्त करने की दिशा में फाइल को आगे क्यों बढ़ाएगा? गणेश गोदियाल ने कहा जो पार्टी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है, उनके मंत्रियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का काम लोकायुक्त कर सकता है। यही वजह है कि प्रदेश में लोकायुक्त स्थापित नहीं होने दिया गया।
उन्होंने कहा इस प्रदेश में लोकायुक्त तभी लाया जा सकेगा जब राज्य में सरकार बदलेगी। राजनीतिक रूप से प्रदेश में जितनी बीमारियां फैल गई हैं, इन बीमारियों की एक ही दवा है, जिसे परिवर्तन कहा जाता है। जब राज्य में सरकार परिवर्तित होगी तभी इन बीमारियों पर अंकुश पाया जा सकेगा। गणेश गोदियाल ने कहा राज्य में कांग्रेस की सरकार जैसे ही बनेगी, तो प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द हम लोकायुक्त की स्थापना कर देंगे। सरकार आने के बाद हमारा पहला कर्तव्य यह बनेगा कि पूर्व में भी हुए भ्रष्टाचारों को उजागर किया जाए।जिससे दोषियों को सजा दी जा सके।

आग के बीच मरीजों के लिए देवदूत बनी दून पुलिस, आईसीयू से सुरक्षित निकाले मरीज

देहरादून। राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार को आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दून पुलिस मौके पर पहुंची और जान जोखिम में डालकर आईसीयू में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। धुएं और गैस रिसाव के बीच पुलिसकर्मियों ने जिस साहस और तत्परता से राहत एवं बचाव अभियान चलाया, उसकी हर ओर सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 को कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को रिस्पना पुल के पास स्थित पेनेसिया अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना नेहरू कॉलोनी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। जांच में पता चला कि अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के कारण आगजनी की घटना हुई।
घटना के समय आईसीयू में कई मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद पूरे आईसीयू में धुआं और गैस फैल गई, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने बिना अपनी जान की परवाह किए आईसीयू में प्रवेश कर मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान गैस और धुएं के कारण कई मरीजों और पुलिसकर्मियों को ऑक्सीजन की कमी की समस्या हुई। प्रभावित लोगों को तत्काल नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना में एक बुजुर्ग महिला, जो पहले से ही वेंटिलेटर पर भर्ती थीं, की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा इस हादसे में करीब 10 लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मियों की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी देहरादून तथा एसपी सिटी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद एसएसपी देहरादून ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर भर्ती पुलिसकर्मियों और मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली तथा बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आग और धुएं से भरे आईसीयू में घुसकर मरीजों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों की बहादुरी की अब हर ओर चर्चा हो रही है। लोगों ने दून पुलिस के साहस, मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें “देवदूत” बताया।

बिजली की तारों से टकराकर जमीन पर गिरा हेलीकॉप्टर,सभी यात्री सुरक्षित

नई टिहरी। बुधवार सुबह टिहरी जनपद में मां सुरकंडा देवी मंदिर के चरणों में बसे सकलाना क्षेत्र के नौगांव में एक हेलीकॉप्टर बिजली की तारों से टकराकर जमीन पर आ गिरा। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। लेकिन सबसे बड़ा चमत्कार यह रहा कि हेलीकॉप्टर में सवार पायलट सहित सभी सात लोग सुरक्षित रहे।
हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से को क्षति पहुंची।
पायलट ने खेतों में आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन हेलीकॉप्टर तारों में फंसकर खेत में गिर गया। जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर सड़क मार्ग से देहरादून भेजा गया है।
वहीं, प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय लोग इसे मां सुरकंडा देवी की कृपा और चमत्कार मान रहे हैं। सकलाना क्षेत्र में घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

भाजपा अनुशासन और विकास के बूते आगे,कांग्रेस के पास प्रत्याशी तक नहीं: चौहान

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को भाजपा की चिंता छोड़कर अपने ही “अखाड़े” में चल रही नूरा कुश्ती पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर चल रहा अंदरूनी संघर्ष अब जगजाहिर हो चुका है।

कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि पार्टी में “सिर फुटव्वल” आम बात बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व चतुर्भुज स्थिति में बंटा हुआ है और कई नेता समानांतर संगठन चलाने में जुटे हैं। साथ ही आगामी चुनावों को लेकर चार-चार दावेदारों के समर्थन में कार्यकर्ता खुलेआम तलवार भांज रहे हैं।

मनवीर चौहान ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जहां नेता और कार्यकर्ता दोनों अनुशासन से बंधे होते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय सक्रिय नहीं होती, बल्कि सरकार गठन के पहले दिन से ही पांच वर्षों तक जनता के बीच कार्य करती है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा विकास कार्यों के आधार पर जनता का आशीर्वाद प्राप्त करती है और पार्टी की हार की बातें पूरी तरह हास्यास्पद हैं। चौहान के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, जबकि कांग्रेस हताश और निराश दिखाई दे रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस की हालत यह है कि अधिकांश सीटों पर उसके पास मजबूत प्रत्याशी तक नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल दुष्प्रचार के सहारे चुनाव जीतने का सपना देख रही है, जो कभी पूरा नहीं होगा।

चौहान ने कहा कि अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच अन्य मामलों की तरह जारी है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर बैकफुट पर आ गई है क्योंकि इससे उसका राजनीतिक एजेंडा आगे नहीं बढ़ पाया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, जिससे युवा, महिलाएं और हर वर्ग खुश है। उन्होंने दावा किया कि जनता कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है।

अंत में चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को डुबाने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है, क्योंकि उसके अपने “पहलवान” ही उसकी नाव डुबोने के लिए पर्याप्त हैं।