Friday, May 22, 2026
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लोकायुक्त मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश ने राज्य सरकार को घेरा

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी आज पंचतत्व में विलीन हो गए। उन्होंने 2011 में अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान राज्य में देश का सबसे सख्त और ऐतिहासिक लोकायुक्त विधेयक लागू किया था। उसके बाद की सरकारों ने उनके बनाए गए कानून को लागू नहीं किया। भुवन चंद्र खंडूड़ी हमेशा से ही लोकायुक्त के पक्षधर रहे।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया है कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार आएगी तो लोग प्रदेश में लोकायुक्त की स्थापना की जाएगी। गणेश गोदियाल ने कहा हरीश रावत जब मुख्यमंत्री हुआ करते थे, तब राज्य में लोकायुक्त की स्थापना के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। आज भी यह प्रस्ताव राज्यपाल के कार्यालय में धूल खा रहा है।
गणेश गोदियाल ने कहा लोकायुक्त का काम भ्रष्टाचार पर नकेल कसना होता है, लेकिन भाजपा के मंत्रिमंडल का काम भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना होता है, इसलिए जो मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगा हुआ है। वह मंत्रिमंडल लोकायुक्त को नियुक्त करने की दिशा में फाइल को आगे क्यों बढ़ाएगा? गणेश गोदियाल ने कहा जो पार्टी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है, उनके मंत्रियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर नकेल कसने का काम लोकायुक्त कर सकता है। यही वजह है कि प्रदेश में लोकायुक्त स्थापित नहीं होने दिया गया।
उन्होंने कहा इस प्रदेश में लोकायुक्त तभी लाया जा सकेगा जब राज्य में सरकार बदलेगी। राजनीतिक रूप से प्रदेश में जितनी बीमारियां फैल गई हैं, इन बीमारियों की एक ही दवा है, जिसे परिवर्तन कहा जाता है। जब राज्य में सरकार परिवर्तित होगी तभी इन बीमारियों पर अंकुश पाया जा सकेगा। गणेश गोदियाल ने कहा राज्य में कांग्रेस की सरकार जैसे ही बनेगी, तो प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द हम लोकायुक्त की स्थापना कर देंगे। सरकार आने के बाद हमारा पहला कर्तव्य यह बनेगा कि पूर्व में भी हुए भ्रष्टाचारों को उजागर किया जाए।जिससे दोषियों को सजा दी जा सके।

आग के बीच मरीजों के लिए देवदूत बनी दून पुलिस, आईसीयू से सुरक्षित निकाले मरीज

देहरादून। राजधानी देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार को आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दून पुलिस मौके पर पहुंची और जान जोखिम में डालकर आईसीयू में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। धुएं और गैस रिसाव के बीच पुलिसकर्मियों ने जिस साहस और तत्परता से राहत एवं बचाव अभियान चलाया, उसकी हर ओर सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 को कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को रिस्पना पुल के पास स्थित पेनेसिया अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना नेहरू कॉलोनी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। जांच में पता चला कि अस्पताल के आईसीयू में लगे एसी में ब्लास्ट होने के कारण आगजनी की घटना हुई।
घटना के समय आईसीयू में कई मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद पूरे आईसीयू में धुआं और गैस फैल गई, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने बिना अपनी जान की परवाह किए आईसीयू में प्रवेश कर मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान गैस और धुएं के कारण कई मरीजों और पुलिसकर्मियों को ऑक्सीजन की कमी की समस्या हुई। प्रभावित लोगों को तत्काल नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना में एक बुजुर्ग महिला, जो पहले से ही वेंटिलेटर पर भर्ती थीं, की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा इस हादसे में करीब 10 लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे तीन पुलिसकर्मियों की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी देहरादून तथा एसपी सिटी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद एसएसपी देहरादून ने कैलाश अस्पताल पहुंचकर भर्ती पुलिसकर्मियों और मरीजों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार और स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली तथा बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आग और धुएं से भरे आईसीयू में घुसकर मरीजों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों की बहादुरी की अब हर ओर चर्चा हो रही है। लोगों ने दून पुलिस के साहस, मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें “देवदूत” बताया।

बिजली की तारों से टकराकर जमीन पर गिरा हेलीकॉप्टर,सभी यात्री सुरक्षित

नई टिहरी। बुधवार सुबह टिहरी जनपद में मां सुरकंडा देवी मंदिर के चरणों में बसे सकलाना क्षेत्र के नौगांव में एक हेलीकॉप्टर बिजली की तारों से टकराकर जमीन पर आ गिरा। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। लेकिन सबसे बड़ा चमत्कार यह रहा कि हेलीकॉप्टर में सवार पायलट सहित सभी सात लोग सुरक्षित रहे।
हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से को क्षति पहुंची।
पायलट ने खेतों में आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन हेलीकॉप्टर तारों में फंसकर खेत में गिर गया। जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर सड़क मार्ग से देहरादून भेजा गया है।
वहीं, प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय लोग इसे मां सुरकंडा देवी की कृपा और चमत्कार मान रहे हैं। सकलाना क्षेत्र में घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

भाजपा अनुशासन और विकास के बूते आगे,कांग्रेस के पास प्रत्याशी तक नहीं: चौहान

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को भाजपा की चिंता छोड़कर अपने ही “अखाड़े” में चल रही नूरा कुश्ती पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर चल रहा अंदरूनी संघर्ष अब जगजाहिर हो चुका है।

कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि पार्टी में “सिर फुटव्वल” आम बात बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व चतुर्भुज स्थिति में बंटा हुआ है और कई नेता समानांतर संगठन चलाने में जुटे हैं। साथ ही आगामी चुनावों को लेकर चार-चार दावेदारों के समर्थन में कार्यकर्ता खुलेआम तलवार भांज रहे हैं।

मनवीर चौहान ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जहां नेता और कार्यकर्ता दोनों अनुशासन से बंधे होते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय सक्रिय नहीं होती, बल्कि सरकार गठन के पहले दिन से ही पांच वर्षों तक जनता के बीच कार्य करती है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा विकास कार्यों के आधार पर जनता का आशीर्वाद प्राप्त करती है और पार्टी की हार की बातें पूरी तरह हास्यास्पद हैं। चौहान के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, जबकि कांग्रेस हताश और निराश दिखाई दे रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस की हालत यह है कि अधिकांश सीटों पर उसके पास मजबूत प्रत्याशी तक नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल दुष्प्रचार के सहारे चुनाव जीतने का सपना देख रही है, जो कभी पूरा नहीं होगा।

चौहान ने कहा कि अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच अन्य मामलों की तरह जारी है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर बैकफुट पर आ गई है क्योंकि इससे उसका राजनीतिक एजेंडा आगे नहीं बढ़ पाया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, जिससे युवा, महिलाएं और हर वर्ग खुश है। उन्होंने दावा किया कि जनता कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए तैयार बैठी है।

अंत में चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को डुबाने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है, क्योंकि उसके अपने “पहलवान” ही उसकी नाव डुबोने के लिए पर्याप्त हैं।

पंचतत्वों में विलीन हुए पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

खड़खड़ी श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, जनसैलाब ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि

हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी पंचतत्वों में विलीन हो गए। हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान सेना और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी।

पूर्व मुख्यमंत्री की अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों सहित आम नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। हरिद्वार से लेकर देहरादून तक शोक की लहर दिखाई दी और लोगों ने उन्हें अनुशासन, सादगी और जनसेवा की मिसाल बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी का निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी ने सेना, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शिता, अनुशासन और ईमानदारी के साथ उत्कृष्ट कार्य किए। धामी ने कहा कि वह सभी के लिए प्रेरणा स्रोत थे और एक अभिभावक के रूप में उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बीसी खंडूड़ी का जीवन सादगी, अनुशासन और ईमानदारी का उदाहरण रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सेना अधिकारी के रूप में हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया।
उन्होंने कहा कि सुशासन और लोकपाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आगे बढ़ाने में खंडूड़ी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके कार्य केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायी रहेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि खंडूड़ी जी सदाचार, अनुशासन और विकास के प्रतीक थे। उनके द्वारा प्रस्तुत आदर्श हमेशा समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा और सांसद अनिल बलूनी सहित अन्य नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि खंडूड़ी जी ने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कार्यकाल में बनी सड़क परियोजनाएं और स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी योजनाएं आज भी देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं।

उपराष्ट्रपति ने भी दी श्रद्धांजलि
इससे पहले भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देहरादून पहुंचे और बीसी खंडूड़ी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि बीसी खंडूड़ी एक असाधारण नेता, उत्कृष्ट सैनिक और कुशल प्रशासक थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश और जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के सड़क एवं आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।

बारिश से गौरीकुंड-सोनप्रयाग मार्ग पर तीन स्थानों पर लैंडस्लाइड

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लगातार खराब हो रहे मौसम ने एक बार फिर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीती रात हुई तेज बारिश के कारण सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर तीन स्थानों पर भारी भूस्खलन हो गया, जिससे यात्रा मार्ग अचानक बाधित हो गया। पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण क्षेत्र में खतरे की स्थिति बनी रही।
सोनप्रयाग-गौरीकुंड मुख्य मार्ग पर मुनकटिया स्थान के पास भारी बारिश के कारण अचानक स्लाइडिंग होने से सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्री मार्ग के दोनों ओर फंस गए। घटना की सूचना डीसीआर रुद्रप्रयाग द्वारा सीडीआरएफ को दी गई, जिसके बाद सीडीआरएफ टीम उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में सोनप्रयाग से तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पूरी रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हालात की लगातार निगरानी की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता रहे और मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए।
कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद प्रशासनिक टीमों ने महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया। पूरी रात राहत, निगरानी और सुरक्षा अभियान लगातार जारी रहा। जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाकर यात्रा मार्ग को पुनः सुचारु कर दिया गया है। मौके पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें लगातार तैनात रहीं और यात्रियों को सुरक्षित निकालने का कार्य करती रहीं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समन्वित प्रयासों से हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
उपनिरीक्षक एसडीआरएफ आशीष डिमरी ने कहा कि एसडीआरएफ टीम ने सड़क के दूसरी ओर फंसे लगभग 10,450 यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से मार्ग पर जमा मलबा हटाकर सड़क को पुनः वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया गया। रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद एसडीआरएफ टीम रात 12ः45 बजे सकुशल कैंप वापस पहुंची। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

चारधाम यात्री हो रहे ऑनलाइन ठगी का शिकार

देहरादून। उत्तराखण्ड में जारी चारधाम यात्रा के दौरान ऑनलाइन ठग गिरोह भी पूरी तरह से सक्रिय है। जिनपर एसटीएफ अपनी नजरे गडाए हुए है। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोहों पर उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि केदारनाथ हेली सेवा और यात्रा बुकिंग के नाम पर सबसे ज्यादा साइबर ठगी बिहार के नवादा, पटना, गया और बिहारशरीफ जिलों से संचालित गिरोह कर रहे हैं। सबसे ज्यादा फेक आईपी एड्रेस इन्हीं चार जिलों में सक्रिय मिले हैं।एसटीएफ के अनुसार, चारधाम यात्रा शुरू होते ही साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और मोबाइल नंबरों के जरिये श्रद्धालुओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। सबसे अधिक शिकायतें केदारनाथ हेली सेवा की ऑनलाइन बुकिंग को लेकर मिलीं, जहां ठग कम कीमत और तत्काल टिकट उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से हजारों रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा रहे। कई मामलों में फर्जी होटल और गेस्ट हाउस बुकिंग के नाम पर भी लोगों से रकम ऐंठी गई।एसटीएफ ने अब तक 200 से अधिक फर्जी वेबसाइट, फेसबुक पेज, इंस्टाग्राम अकाउंट और बुकिंग लिंक बंद कराए हैं। इसके अलावा 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों को भी ब्लॉक कराया गया है जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि ये गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहे थे और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए यात्रियों तक पहुंच बना रहे थे।
चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साइबर टीमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी ट्रैवल पोर्टल और संदिग्ध ऑनलाइन पेमेंट गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।  एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने यात्रियों से अपील की है कि हेली सेवा, होटल या यात्रा पंजीकरण केवल अधिकृत पोर्टल से ही कराएं। किसी भी अनजान मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया लिंक या व्हाट्सएप मैसेज के जरिए भुगतान न करें। उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ हेली सेवा बुकिंग के लिए सिर्फ आईआरसीटीसी को ही अधिकृत किया है। सिर्फ वहीं से टिकट बुक करें। अगर किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।कारी पोर्टल जैसी दिखने के कारण श्रद्धालु आसानी से धोखे का शिकार हो रहे। अब तक 200 से अधिक साइटें बंद कराई गई हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल पहुंचे बद्री-केदार धाम,यात्रा व्यवस्थाओं का लिया विस्तृत जायजा

रूद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को भगवान केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मंत्री सतपाल महाराज ने बाबा केदार और भगवान बद्रीविशाल के समक्ष विश्व शांति, मानव कल्याण और वर्तमान वैश्विक संकटों से मुक्ति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति पूरे विश्व को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है और चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि मानवता और संस्कृति के संरक्षण का भी प्रतीक है।
धामों में दर्शन के उपरांत उन्होंने मंदिर परिसर में संचालित पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मीडिया से बातचीत में सतपाल महाराज ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा रिकॉर्ड स्तर पर आगे बढ़ रही है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य, सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि उनकी संस्था मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 10 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा कराया गया है। इसके लिए 3 लाख 67 हजार 995 रुपये की प्रीमियम राशि का चेक, सेवाकर सहित, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के माध्यम से यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को प्रदान किया गया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक धाम के लिए 2.50 करोड़ रुपये का बीमा कवर निर्धारित किया गया है।
महाराज ने बताया कि बीमा पॉलिसी के तहत मंदिर परिसर में भगदड़, प्राकृतिक आपदा अथवा आतंकवादी जोखिम जैसी घटनाओं से प्रभावित प्रत्येक श्रद्धालु को एक लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा पर आने से पहले चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए आवश्यक दवाइयां एवं स्वास्थ्य उपकरण साथ रखें। साथ ही यात्रा अनुमति पत्र और पहचान पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही चारधाम यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बन सकती है। इस अवसर पर उनकी पुत्रवधू श्रीमती आराध्या रावत एवं श्रीमती मोहिना रावत भी उपस्थित रहीं।

ब्लॉक प्रमुख संगठन के प्रतिनिधियों ने मंत्री भरत सिंह चौधरी से की शिष्टाचार भेंट

देहरादून। ब्लॉक प्रमुख संगठन उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने मंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया तथा विभिन्न मांगों और क्षेत्रीय समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।

काबीना मंत्री भरत सिंह चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय संगठनों के सुझावों को गंभीरता से लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास का रास्ता गांवों और विकास खंडों से होकर गुजरता है तथा इसमें ब्लॉक प्रमुखों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है।

इस अवसर पर राजीव कंडारी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कई ब्लॉक प्रमुख उपस्थित रहे।

विकास योजनाओं के लिए ₹1344 करोड़ की स्वीकृति,योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को गति देने के लिए विभिन्न योजनाओं हेतु कुल ₹1344 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं में विद्युत, पेयजल, सिंचाई, पर्यटन, पार्किंग, न्यायालय परिसर, बद्री गाय संरक्षण तथा जिला योजनाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने नैनीताल जिले के बिठौरिया क्षेत्र में नलकूप निर्माण, कपकोट में विद्युत सब स्टेशन स्थापना तथा देहरादून कैंट क्षेत्र में बंच केबिल कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी है। वहीं उधम सिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क एवं तालाब सौंदर्यीकरण के लिए ₹25 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग के रैतोली में ग्रामीण निर्माण विभाग के कार्यालय भवन निर्माण के लिए ₹3.85 करोड़ तथा भराड़ीसैंण क्षेत्र में बद्री गाय संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ₹30.03 करोड़ की मंजूरी दी है।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना मद में ₹1018 करोड़ जिलाधिकारियों के नियंत्रण में रखने, घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली टैरिफ छूट हेतु ₹100 करोड़ के बजट प्रावधान तथा पिटकुल की विभिन्न योजनाओं के लिए पहली किश्त जारी करने को भी स्वीकृति दी गई है।

पर्यटन विभाग के तहत कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के नाबीढांग में 09 इग्लू हट निर्माण, जामणीखाल में पार्किंग निर्माण तथा ऊखीमठ पिंगलापानी योजना को भी मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।