Sunday, April 26, 2026
spot_img
Home Blog

03 April

10 April

17 April

24 अप्रैल

उत्तराखंड में विशेष सत्र से पहले ‘संग्राम’, सड़कों पर उतरी कांग्रेस, सदन की भी बड़ी तैयारी

देहरादून: धामी सरकार भले ही सरकार एक दिवसीय विशेष सत्र की तैयारी में जुटी हो लेकिन इससे पहले ही राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। स्थिति यह है कि जहां सरकार सदन में महिला आरक्षण के संशोधित बिल पर विपक्ष को तगड़ा झटका देने की तैयारी कर रही है । तो वहीं कांग्रेस भी संभावित निंदा प्रस्ताव का मुंह तोड़ जवाब देने का फैसला कर चुकी है।

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है। एक ओर राज्य सरकार विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में जुटी है, तो दूसरी ओर इस सत्र से पहले ही राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाज़ी और सड़क पर टकराव का माहौल बन चुका है। विशेष सत्र का एजेंडा भले ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया हो, लेकिन यह लगभग तय माना जा रहा है कि इसका केंद्र बिंदु महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधित बिल और उससे उपजे राजनीतिक समीकरण होंगे। इसी के साथ निंदा प्रस्ताव लाए जाने की अटकलों ने सियासी माहौल को और अधिक उग्र बना दिया ।

दरअसल महिला आरक्षण को लेकर देशभर में पहले से ही बहस चल रही है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधित स्वरूप को पारित न करा पाने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। उत्तराखंड में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। भाजपा इस मुद्दे को महिला सम्मान और अधिकारों से जोड़कर पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस इस पर सरकार की मंशा और रणनीति पर सवाल उठा रही है।

विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस पहले से ही सतर्क नजर आ रही है। पार्टी को आशंका है कि सरकार इस सत्र के दौरान निंदा प्रस्ताव ला सकती है, जिसके जरिए विपक्ष को घेरने की कोशिश की जाएगी। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने सड़क से लेकर सदन तक आक्रामक रुख अपनाने का फैसला किया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सरकार निंदा प्रस्ताव लाती है, तो उसका जोरदार विरोध किया जाएगा। सरकार की नीतियों को बेनकाब किया जाएगा। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में गंभीर होती, तो विशेष सत्र का उपयोग ठोस निर्णय लेने के लिए किया जाता। उनका कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि 2027 के विधानसभा चुनाव में ही महिलाओं को 70 सीटों पर आरक्षण मिल सके। उनके अनुसार, केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठाना महिलाओं के साथ न्याय नहीं है।

वहीं दूसरी ओर भाजपा भी पीछे हटने के मूड में नहीं है।पार्टी लगातार कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि संसद में बिल का विरोध कर कांग्रेस ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कांग्रेस की नीयत साफ नहीं है। आने वाले समय में महिलाएं इसका जवाब जरूर देंगी।

कुमारी शैलजा करेगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन संवाद

उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा 8 मई को उत्तराखंड का दौरा
गढ़वाल मंडल के 4 जिलों का दौरा करेंगी

देहरादून: कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा फिर उत्तराखंड आ रही हैं। बीती 8 अप्रैल को वो अपने पांच दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचीं थी। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी और सांसद कुमारी शैलजा एक बार फिर 4 मई को उत्तराखंड आ रही हैं। इस बार वो गढ़वाल मंडल के चार जिलों का धुआंधार दौरा करने जा रही हैं।
इससे पहले कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने 8 अप्रैल से उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर से अपने चार दिवसीय दौरे की शुरुआत की थी। तब उन्होंने रुद्रपुर, काशीपुर महानगर कांग्रेस और जिला कमेटियों के पदाधिकारियों की बैठक ली थी। 9 अप्रैल को उन्होंने नैनीताल जिले के हल्द्वानी में सभी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की बैठक करने के बाद कोटद्वार में बैठक की थी। इसके अलावा उन्होंने हरिद्वार में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में भाग लिया था।
इसके बाद वह 11 अप्रैल को मसूरी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं थी। 11 अप्रैल की शाम को उन्होंने महानगर कांग्रेस कमेटी, जिला कांग्रेस कमेटी परवादून और पछुवादून के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक मजबूती व अग्रिम चुनावी रणनीति को लेकर संवाद स्थापित किया था। इसके बाद वो वापस दिल्ली लौट गईं थी।
अब एक बार फिर कुमारी शैलजा उत्तराखंड आ रही हैं। अब वो गढ़वाल मंडल के चार जिलों का आगामी 4 मई से भ्रमण करने जा रही हैं। उनके इस प्रस्तावित दौरे पर कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी का दौरा इसी तरह आगे भी चलता रहेगा। उनका उत्तराखंड का दौरा पहले 28 अप्रैल से प्रस्तावित था। किसी कारणवश कुमारी शैलजा अब 4 मई को गढ़वाल मंडल के चार जिलों का भ्रमण करने जा रही हैं।
गढ़वाल मंडल के दौरे पर वह 10 या 11 मई तक कई जिलों में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगी। इस दौरान कुमारी शैलजा चुनावी रणनीति को लेकर वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगी। इस बीच ग्रुपों में भी बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके साथ वन टू वन बातचीत करनी होगी। कुमारी शैलजा ने स्पष्ट किया है कि नेता और कार्यकर्ता उनके साथ अलग से वार्ता भी कर सकते हैं।
कांग्रेस पार्टी का मानना है कि यह चुनावी वक्त है और ऐसे समय में यदि पार्टी प्रभारी दोबारा उत्तराखंड दौरे पर आती हैं तो इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होता है। पार्टी का मानना है कि इस बार दोगुनी क्षमता के साथ कांग्रेस पार्टी चुनावी रणभूमि में उतरने को पूरी तरह से तैयार है।

 

बसन्त विहार क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा

घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त को किया गिरफ्तार,

घटना में प्रयुक्त रिक्शा संख्या: यू0के0-07-टीडी-9132 को किया सीज

थाना बसंत विहार में सुमित निवासी अंबीवाला द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि वह नेशनल हाईवे बनाने का कार्य कर रहे हैं तथा उनकी उमेदपुर/लक्ष्मीपुर स्थित साइट से अज्ञात चोरों द्वारा लाखों रू0 मूल्य के जनरेटर बैटरी, लेजर पाइप, सरिया, स्टील आदि चोरी कर लिया है।
तहरीर के आधार पर थाना बसन्त विहार पर अभियोग पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सघन चैकिंग/सत्यापन अभियान चलाते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
घटना के अनावरण तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा थाना बसंत विहार पर गठित पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल तथा उसके आस-पास आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन कर संदिग्धों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई। जिसमें घटना स्थल से एक ई-रिक्शा संख्या: यू0के0-07-टीडी-9132 जाता हुआ दिखाई दिया। प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरागरसी पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। साथ ही पूर्व में इस प्रकार की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्तों की वर्तमान स्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा चलाये जा रहे सघन चैकिंग अभियान के दौरान दिनांक: 21-04-26 को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दिया ई-रिक्शा वर्तमान में पलवल रोड की ओर जा रहा है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए उक्त रिक्शा को रोककर चैक किया गया तो ई-रिक्शा को शान मोहम्मद पुत्र वकील अहमद नाम का व्यक्ति चला रहा था। ई-रिक्शा को चेक करने पर ई-रिक्शा के अंदर से 64 लेजर पाइप लोहे के, 06 एंगल बड़े व 08 एंगल छोटे बरामद हुए। जिनके सम्बन्ध में सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्त द्वारा उक्त माल नेशलन हाइवे की साइट से चोरी किया जाना स्वीकार किया गया।

स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, चारधाम यात्रा बनी सुरक्षित व सुगम

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अब विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है। गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आस्था, उत्साह और श्रद्धा का विशाल प्रवाह देखने को मिल रहा है।
पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यात्रा को सुरक्षित,व्यवस्थित और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। इस बार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को “प्रो-एक्टिव” रणनीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही यात्रा मार्गों पर तैनात की जा चुकी हैं। इन टीमों द्वारा स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सेवाएं और जागरूकता अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, क्विक रिस्पांस टीमें और अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का फोकस केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को पहले से जागरूक कर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना भी है।

दूसरे राज्यों में भी पहुंची स्वास्थ्य जागरूकता मुहिम

इसी रणनीति के तहत उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उन राज्यों में भेजा गया है, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए आते हैं। इस क्रम में सहायक निदेशक, स्वास्थ्य विभाग डॉ. अमित शुक्ला ने मध्य प्रदेश का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अशोक बर्नवाल, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), मध्य प्रदेश शासन से मुलाकात कर चारधाम यात्रा से संबंधित स्वास्थ्य तैयारियों और जागरूकता पर चर्चा की। उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार हिंदी एवं अंग्रेज़ी में स्वास्थ्य एडवाइजरी भी साझा की गई, ताकि इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा सके और श्रद्धालु यात्रा से पहले ही आवश्यक सावधानियां अपना सकें।

जागरूक श्रद्धालु, सुरक्षित यात्रा

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में श्रद्धालुओं को यात्रा से पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण कराने, आवश्यक दवाइयां साथ रखने, पर्याप्त विश्राम करने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे अनुकूलन अपनाने की सलाह दी गई है।बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष सावधानियां भी सुझाई गई हैं, जिससे किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सके। चारधाम यात्रा के विधिवत शुभारंभ के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार व्यवस्थाएं पारंपरिक स्वरूप से आगे बढ़कर अधिक संगठित, तकनीकी रूप से सक्षम और स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुदृढ़ हैं। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और अंतरराज्यीय समन्वय यह सुनिश्चित कर रहा है कि श्रद्धालु सुरक्षित, स्वस्थ और सहज तरीके से अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सकें।

सुरक्षित और सुगम यात्रा सरकार की प्राथमिकता

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि चारधाम यात्रा प्रदेश की आस्था और पहचान का केंद्र है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को हर स्तर पर मजबूत रखा जाए और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के प्रति किया जा रहा जागरूक

स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और क्विक रिस्पांस टीमें सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी करे और किसी भी आपात स्थिति में उसे त्वरित उपचार उपलब्ध हो सके।

मंत्री खजान दास ने नई पेयजल लाइन बिछाने का किया शुभारंभ

मंन्त्री खजान दास ने कावली रोड सहित विभिन्न वार्डवासियों को बड़ा तोहफा देते हुये कावली रोड कोमेट कालोनी, कबीर डेरी वाली गली, गोपीनाथ मंदिर वाली गली, अंसारी मार्ग, डाडीपुर मौहल्ला, कालिका मंदिर के सामने वाली गली सहित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विभिन्न क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के स्थान पर नई पेयजल लाइनें बिछाने के कार्यों का भूमि पूजन कर क्षेत्रवासियों को रु० 5.80 करोड से अधिक कार्यो की सौगात दी जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। गौरतलब है क्षेत्रवासियों द्वारा पिछले काफी समय से उपरोक्त क्षेत्रों पेयजल सुधारीकरण की माॅग की जा रही थी जिसका जनहित में तत्काल संज्ञान लेते हुये विधायक ने अधिकारियों को क्षेत्र की क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओ के पुर्ननिर्माण हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिये, जिस पर विधायक द्वारा जनहित में शासन से तुरन्त रुपये 5.80 करोड की स्वीकृति दिलाते हुये आज निर्माण कार्यो का भुमि पुजन करते हुये जनमानस की समस्याओं का समाधान किया।

इस अवसर पर खजान दास ने मुख्यमंन्त्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुये अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों मे कहा कि निर्माण कार्य हर हाल में समय अवधि में पूरे किये जाय तथा गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोई कमी न हो, गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाये जाने पर संबधित अधिकारियों को बख्शा नही जायेगा।

विधायक नें करोड़ों की योजनाओ के भुमिपूजन पर अधिशासी अभियन्ता के न पहुंचने पर कडी नाराजगी व्यक्त की श्री दास ने अधिशासी अभियन्ता आशीष भट्ट को सख्त निर्देश जारी करते हुये कहा कि इस प्रकार की हीला हवाली भविष्य में कतई बर्दाश्त नही की जायेगी।

विधायक खजानदास ने कहा कि भाजपा सरकार की जनसमस्याओ के निस्तारण हेतु स्पष्ट निति है तथा प्रदेश के युवा यशस्वी मुख्यमंन्त्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के विकास हेतु एक विजन के रूप में काम कर रहे है और सदैव विकास कार्यो पर पैनी नजर रखते है। उन्होने यह भी कहा कि अधिकारी यह गलतफहमी न पाले की उनके ऊपर कोई नजर नही रखता है, मुख्यमंत्री जी स्वंय समय-समय पर क्षेत्र की हर एक निर्माणाधीन योजनाओं उनकी गुणवत्ता एंव क्षेत्र में अन्य समस्याओं की जानकारी लेते रहते हैं।

मुख्यमंत्री की त्वरित कार्यशैली का ही असर है कि आज हर एक विकास कार्य समय अवधि में पूर्ण हो रहे हैं जिससे एक ओर सरकारी धन की बचत होती है वही दूसरी और जनमानस तो समय पर तमाम विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री धामी की स्पष्ट एंव पारदर्शी नीति का ही फल है कि आज तमाम विकास कार्यो को समय से स्वीकृतियां प्राप्त हो रही है, तथा निर्माण कार्य में होने वाले अनावश्यक विलम्ब के कारण निर्माण कार्य की लागत मे होने वाली वृद्धि पर भी अंकुश लगा है।

विशेष सत्र आहूत करना केवल राजनीतिक निंदा प्रस्ताव पारित करना या विपक्ष को कोसना नहीं होना चाहिए

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 30 अप्रैल से विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि उत्तराखंड सरकार भी विशेष सत्र आहूत करने जा रही है, तो उसका उद्देश्य केवल राजनीतिक निंदा प्रस्ताव पारित करना या विपक्ष को कोसना नहीं होना चाहिए।
गोदियाल ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा सत्र जनता के सरोकारों और महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के लिए बुलाए जाते हैं, न कि राजनीतिक प्रतिशोध या आरोप-प्रत्यारोप के लिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया कि यदि विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो उसमें महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण विषय — महिला आरक्षण — को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण कानून देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी का संवैधानिक अधिकार देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार को चाहिए कि वह इस कानून को राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए ठोस प्रस्ताव विधानसभा में पारित करे।
गोदियाल ने आगे कहा कि भाजपा सरकारें महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात तो करती हैं, लेकिन जब ठोस कदम उठाने का समय आता है तो वह राजनीतिक मुद्दों में उलझ जाती हैं। उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहां महिलाएं सामाजिक और आर्थिक विकास की रीढ़ हैं, वहां महिला आरक्षण को टालना या उस पर मौन रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रस्तावित विशेष सत्र को जनहित और महिला सशक्तिकरण के एजेंडे पर केंद्रित किया जाए और महिला आरक्षण कानून को शीघ्र लागू करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाए।