चारधाम यात्री हो रहे ऑनलाइन ठगी का शिकार
पर्यटन मंत्री सतपाल पहुंचे बद्री-केदार धाम,यात्रा व्यवस्थाओं का लिया विस्तृत जायजा
डीएम सविन बंसल के निर्देश पर सख्त कार्रवाई,सेलाकुई-सिडकुल में धारा 163 लागू, प्रशासन अलर्ट मोड पर
देहरादून। जनपद के सेलाकुई एवं सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में हाल के दिनों में बढ़ते श्रमिक असंतोष, धरना-प्रदर्शन और कानून व्यवस्था की आशंकाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा जारी किया गया। प्रशासन का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन को मिली सूचनाओं के अनुसार सेलाकुई स्थित कुछ औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन और धरना जारी है। इनमें Lightanium Technology Pvt. Ltd., Dixon Technology तथा Global Medicos प्रमुख रूप से शामिल हैं। कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं सामने आने के बाद प्रशासन ने स्थिति को संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
प्रशासन के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर श्रमिकों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। इसे देखते हुए स्थानीय अभिसूचना इकाई को सक्रिय कर दिया गया है और औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
धारा 163 के तहत लगाए गए प्रमुख प्रतिबंध
सेलाकुई एवं सिडकुल क्षेत्र में हथियार, लाठी, डंडा, तलवार या अन्य घातक वस्तु लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
ईंट, पत्थर अथवा हिंसा में प्रयुक्त होने वाली वस्तुओं का संग्रह करना प्रतिबंधित किया गया है।
बिना अनुमति नारेबाजी, लाउडस्पीकर का प्रयोग, सार्वजनिक सभा, जुलूस और प्रदर्शन आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।
बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के समूह में जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आदेश उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय माना जाएगा। संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने श्रमिक संगठनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आमजन से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बनी रहे।
अतिथि देवो भव: के मूल मंत्र को चरितार्थ करती दून पुलिस
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान एक बार फिर उत्तराखंड पुलिस ने अपनी संवेदनशील कार्यशैली और तत्परता से “अतिथि देवो भव:” की भावना को साकार किया है। दून पुलिस ने त्रिवेणी घाट क्षेत्र में खोए हुए एक बुजुर्ग यात्री के कीमती सामान से भरे बैग को खोजकर सुरक्षित वापस सौंपा, जिसके बाद यात्री ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
पुलिस को आज 17 मई 2026 को सूचना प्राप्त हुई कि दिनेश बेलजी पवानी पुत्र स्वर्गीय वेलजी अर्जन पवानी, उम्र 74 वर्ष, मूल निवासी भुज कच्छ गुजरात एवं वर्तमान निवासी मस्कट, ओमान का बैग त्रिवेणी घाट क्षेत्र में कहीं खो गया है।
बताया गया कि बैग में कीमती ज्वेलरी, नकद धनराशि तथा जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो गई।
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए त्रिवेणी घाट क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर जरूरी जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस ने अल्प समय में ही खोया हुआ बैग बरामद कर लिया।
बैग को सुरक्षित तरीके से बुजुर्ग यात्री के सुपुर्द किया गया। बैग की जांच करने पर उसमें रखा पूरा कीमती सामान सुरक्षित मिला।
अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर दिनेश बेलजी पवानी ने खुशी जाहिर करते हुए उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्यवाही और ईमानदार कार्यशैली की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने दून पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।
चारधाम यात्रा के दौरान दून पुलिस की यह पहल न केवल पर्यटकों और श्रद्धालुओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा रही है, बल्कि राज्य पुलिस की सकारात्मक और मानवीय छवि को भी मजबूत कर रही है।











