साइबर क्राइम के नाम पर ब्लैकमेलिंग के आरोपों पर जताई चिंता,
सुमित बहादुरी से लड़िए, मैं आपके साथ हूं – हरीश रावत

देहरादून। कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सामने आई खबरों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चिंता जताई है। उन्होंने सुमित हृदयेश के समर्थन में खुलकर सामने आते हुए साइबर क्राइम के नाम पर कथित ब्लैकमेलिंग को छोटे राज्य उत्तराखंड के लिए गंभीर खतरा बताया। हरीश रावत ने कहा कि यदि कुछ लोग साइबर क्राइम विशेषज्ञ होने की आड़ में ब्लैकमेलिंग करने लगेंगे, तो इससे प्रदेश की राजनीतिक स्थिरता और शांति प्रभावित हो सकती है।
हरीश रावत ने अपने बयान में वर्ष 2016 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी उन्होंने ब्लैकमेलिंग को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि ब्लैकमेलर समाज और व्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। रावत के मुताबिक, उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लेने और इनके खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत का भी किया जिक्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सुमित हृदयेश के मामले को केवल एक व्यक्ति की परेशानी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कुछ अन्य लोगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे पूछा जाना चाहिए कि उन्हें किन परिस्थितियों और परेशानियों से गुजरना पड़ा। रावत ने कहा कि कई लोग विभिन्न कारणों से अपनी बात सार्वजनिक नहीं कर पाते, लेकिन उन्हें भी ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा हो सकता है।
उन्होंने चिंता जताई कि यदि प्रदेश में चार-छह लोग भी इस तरह की कथित ब्लैकमेलिंग में सक्रिय हो जाएं, तो यह राज्य की राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक शांति के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
बोले- सुमित के दर्द को पूरे प्रदेश की चिंता समझें
हरीश रावत ने प्रदेश के लोगों से सुमित हृदयेश के समर्थन में एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुमित की परेशानी को पूरे समाज की चिंता के रूप में देखा जाना चाहिए और उन्हें यह भरोसा मिलना चाहिए कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं।
रावत ने सुमित हृदयेश को संबोधित करते हुए कहा, “सुमित, मैं आपके साथ हूं। आप बहादुरी से लड़िए, खड़े रहिए। हम आपका साथ देंगे।”
हरीश रावत के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में साइबर अपराध, कथित ब्लैकमेलिंग और नेताओं की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, ब्लैकमेलिंग से जुड़े आरोपों की वास्तविकता और उनके पीछे जिम्मेदार लोगों की भूमिका का निर्धारण जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।






