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HomeDehradunअमित शाह के उत्तराखंड दौरे से पहले गरमाई सियासत

अमित शाह के उत्तराखंड दौरे से पहले गरमाई सियासत

अंकिता भंडारी से लेकर बेरोजगारी तक कांग्रेस ने मांगे जवाब

 छह नवंबर को देहरादून पहुंचेंगे केंद्रीय गृह मंत्री, पुलिस लाइन के कार्यक्रम के बाद परेड ग्राउंड में करेंगे जनसभा,

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को बताया मुद्दाविहीन राजनीति,

देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छह नवंबर को एक बार फिर देवभूमि उत्तराखंड के दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर भाजपा संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अमित शाह के आगमन से पहले ही प्रदेश की सियासत गरमा गई है। एक ओर भाजपा इस दौरे को लेकर संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियों में जुटी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने गृह मंत्री के सामने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने अमित शाह के दौरे का स्वागत करते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड, बेरोजगारी और जल, जंगल व जमीन से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

जानकारी के अनुसार, अमित शाह अपने उत्तराखंड दौरे की शुरुआत देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस विभाग के कार्यक्रम में शिरकत करके करेंगे। इसके बाद वह लोकतंत्र बचाओ यात्रा में शामिल होंगे और परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। गृह मंत्री के इस दौरे को भाजपा के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वहीं कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस और सहयोगी दलों ने रैली आयोजित की तब उन्होंने कहा कि कांग्रेस व्यापारियों के काम को प्रभावित कर रही है। अब वही धनतेरस पर अमित शाह प्रदेश के दौरे पर आ रहे है। इस त्यौहार का समय है लोग खरीददारी करते है तो ऐसे समय पर वो देहरादून दौरे पर है। जो भाजपा के दोहरे चरित्र को दर्शाता है।

कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की उठाई मांग

अमित शाह के दौरे से पहले कांग्रेस ने प्रदेश के कई अहम मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने गृह मंत्री के उत्तराखंड आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता लंबे समय से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब का इंतजार कर रही है।

उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए सीबीआई जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को नौकरी देने में कथित भ्रष्टाचार का मामला उठाते हुए भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी जवाब मांगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता से उठाया और कहा कि गृह मंत्री को इन मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि गृह मंत्री का दौरा केवल राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें उत्तराखंड की जनता से जुड़े सवालों पर भी जवाब देना चाहिए।

भाजपा का पलटवार, कांग्रेस को बताया मुद्दाविहीन

कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुंवर जपेंद्र सिंह ने कांग्रेस को मुद्दाविहीन बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने अपने काम और नतीजों के माध्यम से हर सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है।

जपेंद्र सिंह ने लोकतंत्र के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि लोकतंत्र को खतरा कांग्रेस पार्टी से है। उन्होंने कहा कि अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्रा निकाल रही है। भाजपा का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना और अराजकता की राजनीति के खिलाफ जनता को जागरूक करना है।

अमित शाह की जनसभा पर टिकी निगाहें

अमित शाह के उत्तराखंड दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां अंकिता भंडारी हत्याकांड, रोजगार और प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े सवालों को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस के आरोपों को मुद्दाविहीन राजनीति करार दे रही है।

ऐसे में छह नवंबर को परेड ग्राउंड में होने वाली अमित शाह की जनसभा पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि गृह मंत्री अपने संबोधन में प्रदेश के राजनीतिक मुद्दों, सरकार के कामकाज और कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर क्या संदेश देते हैं।

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