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उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा अध्यक्ष डा0 गीता खन्ना द्वारा की गई सुनवाई

देहरादून

उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के कार्यालय में अध्यक्ष  डा0 गीता खन्ना द्वारा सुनवाई ली गई। सुनवाई में सेंट मेरी स्कूल, विकासनगर को बुलाया गया, जिसमें उनके प्रधानाचार्य, शिकायतकर्ता व शिक्षा विभा से खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। विद्यालय द्वारा अवगत कराया गया कि उन्हें आर0टी0ई0 की जानकारी नही है तथा दस्तावेजों के अवलोकन उपरान्त अनियमिततायें पायी गई। विद्यालय के विरूद्ध प्राप्त के शिकायत, जिसमें विद्यालय द्वारा फीस ली गई, किन्तु छात्र एक दिन भी विद्यालय नही गया। इस क्रम में  अध्यक्ष  द्वारा विद्यालय को अनुरोधकर्ता की फीस वापस किये जाने हेतु निर्देशित किया तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी विकासनगर देहरादून को विद्यालय के औचक निरीक्षण व सुनवाई में प्रस्तुत दस्तावेजों पर अनियमित्ताओं के आधार पर विद्यालय के विरूद्ध कारण बताओं नोटिस जारी करते हुये कार्यवाही की आख्या आयोग को उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

बाल आयोग अध्यक्ष द्वारा समय समय पर प्राइवेट स्कूलों और सभी शिक्षण सस्थानों में औचक निरीक्षण कर कार्यवाही की जा रही है जिसमें मिली खामियो को दूर करने और नियमों के पालन हेतु निर्देशित किया गया था और सरकार द्वारा लागू नियमो के अनुरूप ही कार्य करने की हिदायद भी दी जा रही है।

सुनवाई में दून वैली इण्टरनेशनल स्कूल, विकासनगर के प्रधानाचार्य तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी,सहसपुर उपस्थित हुये। उन्होंने यह स्वीकार किया कि सभी रजिस्टर निरक्षण के बाद जल्दी में बनाये गये और वो भी पूर्ण नहीं हैं तथा उन्हें बिना जानकारी के इस सुनवाई में भेजा है क्योंकि निरक्षण के बाद ही उनकी नियुक्ति की गई है , अध्यक्ष द्वारा विद्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये दस्तावेजों को खण्ड शिक्षा अधिकारी के सुपुर्द करते हुये जांच कर आख्या उपलब्ध कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया तथा अगली सुनवाई में खण्ड शिक्षा अधिकारी सहसपुर, स्कूल प्रबन्धक तथा निरीक्षण के दौरान उपस्थित मैडम को सुनवाई में उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया।

समाचार पत्र में प्रकाशित खबर ‘‘पुरोला में निजी स्कूल की नाबालिग छात्रा ने शिक्षक पर लगाया दुष्कर्म का आरोप‘‘ पर सम्बन्धित विद्यालय को सुनवाई में बुलाया गया था, जिसके क्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनवाई मंे उपस्थित हुये। प्रधानाचार्य द्वारा प्रकरण से सम्बन्धित दस्तावेज उपलब्ध कराते हुये बताया गया कि प्रकरण के संज्ञान में आते हुये आरोपित शिक्षक की सेवायें समाप्त कर दी गई है तथा आरोपी शिक्षक को जेल भेज दिया गया है। पुलिस कार्यवाही गतिमान है।  अध्यक्ष द्वारा विद्यालय का औचक निरीक्षण किये जाने की बात कही।

सुनवाई में आयोग की ओर से  सदस्य विनोद कपरवाण, सदस्य  दीपक गुलाटी, अनुसचिव डा0 एस0के0सिंह उपस्थित रहे।

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