देहरादून/हरिद्वार
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी प्रकरण को लेकर चर्चा में आईं अभिनेत्री उर्मिला सनावर को हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई की प्रक्रिया के तहत उर्मिला सनावर और पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर के नार्को-एनालिसिस तथा पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर भी घटनाक्रम आगे बढ़ रहा है। पुलिस ने उर्मिला को रोशनाबाद स्थित अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पूर्व विधायक की बेटी की शिकायत पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने 24 अक्टूबर की रात रानीपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ अश्लील एवं मानहानिकारक टिप्पणियां कीं, जिससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
शिकायत के मुताबिक, व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से रविदास धाम से जुड़ी संपत्ति अपने नाम कराने की मांग की गई। आरोप है कि इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये मांगे गए और मांग पूरी नहीं होने पर शिकायतकर्ता तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम ने सहारनपुर स्थित उर्मिला के आवास पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले से संबंधित मोबाइल फोन भी बरामद किए जाने की जानकारी दी है। ये सभी आरोप शिकायत पर आधारित हैं और इनकी सत्यता का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया के बीच गिरफ्तारी
उर्मिला सनावर अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद सुर्खियों में आई थीं। इस मामले में सीबीआई उनसे पूछताछ कर चुकी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 23 अक्टूबर को देहरादून की विशेष सीबीआई अदालत में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर ने नार्को-एनालिसिस तथा पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए सहमति दी थी।
इसी पृष्ठभूमि में उर्मिला की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े किए हैं। उनकी गिरफ्तारी और सीबीआई जांच से जुड़ी प्रस्तावित प्रक्रिया का समय एक-दूसरे के करीब है। हालांकि, अभी तक उपलब्ध पुलिस जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि गिरफ्तारी का उद्देश्य अंकिता भंडारी मामले की जांच को प्रभावित करना था।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रानीपुर पुलिस में दर्ज मामला सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों, संपत्ति हस्तांतरण की मांग, पांच करोड़ रुपये मांगने और धमकी देने के आरोपों से संबंधित है। वहीं, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी जांच अलग प्रक्रिया है। दोनों मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध या जांच प्रभावित करने की मंशा की पुष्टि के लिए आधिकारिक साक्ष्य अथवा जांच एजेंसी का बयान आवश्यक होगा।
https://www.facebook.com/share/r/1FJdbuouTq/
अब आगे क्या?
उर्मिला सनावर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद रानीपुर पुलिस में दर्ज मामले की जांच आगे बढ़ेगी। दूसरी ओर, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े नार्को-एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को लेकर भी आगे की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में दो अलग-अलग पहलू सामने हैं—एक ओर दीपिका राठौर की शिकायत पर दर्ज आपराधिक मामला और दूसरी ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी से संबंधित आरोपों की सीबीआई जांच। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही में क्या तथ्य सामने आते हैं तथा सीबीआई की प्रस्तावित प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।






