शांति प्रसाद भट्ट बोले- उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था से जनता भयभीत, आए दिन सामने आ रही हत्या, गोलीकांड और चोरी-डकैती की घटनाएं
देहरादून। राजधानी देहरादून के पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात बैंक कर्मचारी पर हुई फायरिंग की घटना ने एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 8 सितंबर की रात हुई वारदात में बाइक सवार बदमाशों ने बैंककर्मी को निशाना बनाकर गोली चलाई। गोली बैंककर्मी के पेट को छूकर निकल गई, जिससे वह घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के वरिष्ठ नेता शांति प्रसाद भट्ट ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से उत्तराखंड की शांतिपूर्ण छवि प्रभावित हो रही है और आम जनता के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है।
‘शांत वादियों में भी लोग अब खुद को सुरक्षित नहीं मान रहे’
शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड अपनी शांत वादियों और सुरक्षित वातावरण के लिए देशभर में जाना जाता है। बड़ी संख्या में लोग यहां शांति और सुकून के लिए आते हैं तथा कई लोग प्रदेश में स्थायी रूप से रहना भी पसंद करते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश और विशेष रूप से जनपदों में आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी होने से शांतिपूर्ण माहौल प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि आए दिन हत्या, गोलीकांड, चोरी और डकैती जैसी घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसी घटनाओं से आम नागरिकों के मन में भय पैदा होना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि राजधानी जैसे शहर में बदमाश खुलेआम फायरिंग कर रहे हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियां कितनी प्रभावी हैं।
‘अपराधियों और राजनीतिक संरक्षण की भी हो जांच’
यूकेडी नेता ने आरोप लगाया कि हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल कुछ अपराधियों के राजनीतिक दलों के नेताओं से संबंध होने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि आपराधिक घटनाओं की जांच के साथ यह भी देखा जाना चाहिए कि अपराधियों को किसी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण तो नहीं मिल रहा है। हालांकि इन आरोपों के संबंध में उन्होंने कोई विशिष्ट मामला या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
सरकार के ‘कुशासन’ को बताया जिम्मेदार
शांति प्रसाद भट्ट ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सरकार के कथित कुशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है और यदि जनता के बीच लगातार असुरक्षा की भावना बढ़ रही है तो सरकार को इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता खुद को डरा हुआ और परेशान महसूस कर रही है। सरकार को केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करनी चाहिए।
बैंककर्मी पर फायरिंग की घटना ने बढ़ाई चिंता
पटेल नगर क्षेत्र में बैंककर्मी पर फायरिंग की घटना को लेकर भी यूकेडी नेता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि राजधानी में सड़क पर गोली चलने जैसी घटना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बदमाशों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी करने और फायरिंग के पीछे की वजह का खुलासा करने की मांग की।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना से जुड़े सुराग जुटाए जा रहे हैं। फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह और हमलावरों की पहचान पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से सरकार पर सवाल उठाए जाने का सिलसिला भी तेज हो गया है।






