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सितारगंज और खटीमा की हाईवे के किनारे की जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक

अगर आपके पास नेशनल हाईवे के किनारे ज़मीन है और आप उसे बेचने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल आपको रुकना पड़ेगा। क्योंकि डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने हाईवे के किनारे की जमीनों की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री बैनामा और जमीन की प्रकृति में परिवर्तन कराने पर रोक लगा दी है।
दरअसल, सितारगंज से टनकपुर को जोड़ने वाले करीब 52 किमी नेशनल हाईवे-125 को फोरलेन (चौड़ीकरण) बनाने की तैयारी चल रही है। निर्माणधीन संस्था डीपीआर बनाने की तैयारी कर रही है। इसके बाद परियोजना को धरातल पर उतराने का कार्य शुरू किया जाएगा। लेकिन उससे पहले भूमि अधिकरण की कार्रवाई की जानी है। जिस कारण डीएम ने विकासखंड सितारगंज और खटीमा से गुजरने वाले फोरलेन के आसपास के करीब 59 गांव की जमीनों की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री बैनामा और भूमि की प्रकृति में परिवर्तन कराने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही, जारी आदेश में यह भी कहा गया कि एनएच में प्रभावित जमीन के संबंध में सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि एनएच में प्रभावित जमीनों की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री बैनामा और भूमि की प्रकृति में परिवर्तन (कृषि भूमि को गैर कृषि में परिवर्तन या बदलाव) की कोई कार्यवाही की जाती है। तो संबंधित का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को संस्तुति दी जाएगी।

इन 59 गांव की जमीनों की खरीद-बिक्री पर रहेगी रोक

सितारगंज। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने विकासखंड सितारगंज के गांव पंडीखेड़ा, पंडरी, बघोरी, बघौरा, तुर्कातिसौर, खैराना, खेमपुर, पचपेड़ा, कल्याणपुर, पुरनगढ़ झनकट, सुनखेरीखुर्द, नबदिया, मोहम्मदगंज, सुंखरा, नानकमत्ता, करघाटा, भगोरी, भगोरा, गौरीखेड़ा, चिकाघाट, दोहरा, बिडौरा, इस्लामनगर और सितारगंज तथा विकासखंड खटीमा के गांव जरास उर्फ प्रतापपुर, जंगलजोथीथेर, बाराभूरिया, सडासडिया, पहेनिया, महोलिया, सुजिया, उमरु कलाॅ, नदन्ना, बिल्हिड़ी चकरपुर, गोहरपटिया, डोगोरी रेंज, उमरू खुर्द, बिगराबैग, बिलहीरीचकपुर, डोगरी रेंज, किलपुरा रेंज, मुंडेली, ऊंचीमहोवर, खटीमा रेंज, कुटारी, डोगरी रेंज, फुलैया, झनकट, बानूसा, हल्दी, भैंसा, पचपुरा, कुमरहा, महोलिया की जमीनों की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री बैनामा और जमीन की प्रकृति में परिवर्तन कराने पर रोक लगा दी है।

भूमि की प्रकृति बदलने पर रोक

नेशनल हाईवे बनाने की कवायद तेज हो गई है। परियोजना को धरातल पर उतरने से पहले भूमि अधिकरण की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसके लिए सितारगंज और खटीमा के करीब 59 गांव की जमीनों के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री बैनामा और भूमि की प्रकृति बदलने पर रोक लगाई है।
– नितिन सिंह भदौरिया, डीएम उधमसिंह नगर

28 गांव है सम्मलित

जमीनों के रजिस्ट्री बैनामा करने पर रोक लगाने का आदेश प्राप्त हुआ है। जिसमें सितारगंज के करीब 28 गांव सम्मलित है। यह अस्थाई रोक है। भूमि अधिकरण की प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद ही रोक हटाई जाने की उम्मीद है।

– मलिक ओसाब, उप निबंधक सितारगंज

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