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HomeDehradunपोषण ही बनेगा विकसित भारत की नींव

पोषण ही बनेगा विकसित भारत की नींव

उत्तराखंड सचिवालय में शुक्रवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और पहल की गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और जन प्रतिनिधियों को ‘पोषण यज्ञ’ में सहभागी बनकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ के अंतर्गत चयनित पोषण चैंपियंस को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही किशोरियों को महालक्ष्मी किट और मिशन शक्ति चैंपियंस को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। मंत्री ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत 5211 लाभार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 1.56 करोड़ रुपये की धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर की।
उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण ही सोने की चिड़िया वाले भारत की असली ताकत है। उन्होंने पोषण ट्रैकर की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के लिए एक सशक्त उपकरण बन चुका है, जिससे सेवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है। उन्होंने इसे जमीनी प्रतिबद्धता पर भरोसे की मुहर बताया।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष बताते हुए कहा कि कोदो, झंगोरा, कांवणी जैसे पारंपरिक अनाज आज पोषण और स्थानीय कृषि को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु इन फसलों के अनुकूल है और इन्हें बढ़ावा देकर हम पोषण सुरक्षा और किसानों की आय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं।
इस अवसर पर श्रीमती सावित्री ठाकुर ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की जानकारी ली और मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पादों की विशेष सराहना की।
केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी का वीडियो संदेश भी कार्यक्रम में प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि पोषण अभियान के जरिए सरकार हर बच्चे को स्वस्थ और हर माँ को सशक्त देखना चाहती है। यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन चुका है, और इसकी सफलता का श्रेय देश की लाखों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश को भी दोहराया जिसमें उन्होंने कहा था कि स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार और विकसित भारत की आधारशिला है।
इस वर्ष के पोषण माह की थीमों में सजग भोजन, प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा, शिशु एवं छोटे बच्चों के लिए पोषण व्यवहार, पुरुषों की भागीदारी, वोकल फॉर लोकल, और समन्वित प्रयास एवं डिजिटलीकरण शामिल रहे। ये थीमें जहां वर्तमान समाज को जागरूक करने का माध्यम बनीं, वहीं ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक दूरदर्शी पहल भी साबित हुईं।

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